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VOL. 2, ISSUE 1 (2017)
शिक्षा और आधुनिक समाज
Authors
Vidushi sharma
Abstract
इस शोध पत्र केद्वारा शशक्षा और समाज केबारेमेंबात की गई है। शशक्षा केउदयकाल केबारेमेंशिशित तौर पर कुछ िहीं कहा जा सकता । परंतुजबसेयह अशततत्व मेंआई हैए इसिेसमाज का तवरूप ही बादल शदया है। और जैसेदृ जैसेइसका प्रचार दृ प्रसार होता गया वैसेदृ वैसेसभी प्रकार केसमाजों मेंइसकी महत्ता पता लगती गई । वाततव मेंएक शशक्षा ही हैजो एक व्यशि को श्मािवश् श्महामािवश् बिाती है। इस बारेमेंतवामी शववेकािंद जी के शवचार अिकुरणीय हैंदृश्शजतिा हम सीखतेहैए उतिी ही हमेंअपिी अज्ञािता का एहसास होता जाता हैश्। आधशुिक समाज मेंतो शशक्षा का महत्त्व इतिा अशधक हैशक शबिा शशक्षा केआधशुिक समाज की कल्पिा भी िहीं की जा सकती । आज जो मािव िेइतिी उन्िशत की हैए वह शशक्षा और शशक्षण कीही देंिहै। इसशलए इस आधशुिक समाज मेंशशक्षा और उसेप्रदाि करिेवाला शशक्षक तथा वह शवशध शजससेशशक्षा को प्रचाररत दृ प्रसाररत शकया जाता हैए वह शिया शशक्षणए तीिों ही इस समाज केअशभन्ि अंग हैंए या यं कहेंशकयेतीिों समाज केआधार ततम्भ हैंतो कोई अशतशयोशि िहीं होगी । इिकेशबिा एक सभ्य समाज की कल्पिाही एक मख खतापण खकायखहोगा ।
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Pages:49-50
How to cite this article:
Vidushi sharma "शिक्षा और आधुनिक समाज". International Journal of Multidisciplinary Education and Research, Vol 2, Issue 1, 2017, Pages 49-50
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