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VOL. 6, ISSUE 2 (2021)
आईटी एक्ट 2000: साइबर क्राइम पर पूरी तरह हो रहा है प्रभावी
Authors
रफी मोहम्मद शेख
Abstract
कम्प्यूटर के इस युग में इंटरनेट और मोबाइल के समावेश के बाद इसके सही उपयोग के साथ ही गलत उपयोग से लगातार मामले सामने आते जा रहे हैं। मोबाइल का उपयोग कर आपके अकाउंट की ओटीपी या एटीएम की जानकारी लेकर या हैक कर लगातार फाइनेंशियल फ्रॉड बढ़ते जा रहे है। इसके साथ ही कम्प्यूटर हैकिंग,सायबर क्राइम या सॉफ्टवेयर के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं इंटरनेट के उपयोग के साथ ही बढ़ रही है। इन्हें सायबर क्राइम के साथ ही देश से जुड़े सायबर क्राइम के मामलों के लिए भी देखा जा रहा है। ऐसी घटनाएं न केवल कम्प्यूटर या टेक्नालॉजी समझने वाले या नहीं समझने वाले आम आदमी के साथ ही कई छोटी-बड़ी सरकारी व गैर सरकारी कंपनियों और संस्थानों को आर्थिक,सामाजिक और व्यक्तिगत चपत लगा चुकी है। यहां पर खुद की गई गलतियां भी ऐसे मामलों में शामिल हो जाती है। अकाउंट व पासवर्ड हैकिंग से लेकर पोर्निंग और सोशल मीडिया पर लगातार बढ़ रहे इसके गलत मामलों के कारण इसके लिए विश्व स्तर पर और भारत में इंफर्मेशन टेक्नालॉजी एक्ट 2000 बनाया गया। इसमें समय-समय पर बदलाव की जरूरत है। अब इसकी वर्तमान धाराओं का उपयोग कर पुलिस लगातार मामले दर्ज कर रही है। कुछ धाराएं अब हट चुकी है तो कई जुड़ी भी है। संवाद सेवाओं के माध्यम से जानकारी भेजने वाली धारा 66-ए को सुप्रीम कोर्ट ने गलत माना है तो सायबर आतंकवाद की धारा 66-एफ का उपयोग भी अब लगातार हो रहा है।
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Pages:49-52
How to cite this article:
रफी मोहम्मद शेख "आईटी एक्ट 2000: साइबर क्राइम पर पूरी तरह हो रहा है प्रभावी ". International Journal of Multidisciplinary Education and Research, Vol 6, Issue 2, 2021, Pages 49-52
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