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VOL. 8, ISSUE 1 (2023)
समाज और साहित्य का सम्बन्ध
Authors
कल्याणी
Abstract
साहित्य और समाज का घनिष्ठ सम्बन्ध है। साहित्यकार समाज में रहते हुए ही अपने साहित्य का सृजन करता है। समाज के बिना साहित्यकार का कोई महत्व नही है। साहित्य और समाज एक-दूसरे के बिना अधूरे है। साहित्यकार समाज में रहता है। जो कुछ उसके आस-पास घटित होता है उसे अपनी रचनाओं में व्यक्त करता है। साहित्य के जिन व्यक्तिगत सुख-दुख, ह्ास विलास एवं सफलता-असफलता आदि का चित्रण होता है वे सब समाज से ही पनपे है। साहित्य और समाज एक-दूसरे पर आश्रित है। वे एक-दूसरे को प्रेरणा और सहायता देते है। इसलिए प्राचीन काल से मानव में साहित्य का सर्जन।
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Pages:17-18
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कल्याणी "समाज और साहित्य का सम्बन्ध". International Journal of Multidisciplinary Education and Research, Vol 8, Issue 1, 2023, Pages 17-18
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