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VOL. 8, ISSUE 3 (2023)
विपणन में विज्ञापन का महत्त्व एवं भूमिकाः एक आलोचनात्मक अध्ययन
Authors
सरिता
Abstract
किसी पहचाने जा सकने वाले प्रयोजक द्वारा विचारों, वस्तुओं तथा सेवाओं की अव्यक्तिगत रूप से शुल्क देकर व्यक्त करना विज्ञापन कहलाता है। इसका उद्देश्य लोगों को प्रभावित करना होता है। विपणन में विज्ञापन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। जब हम यह देखते हैं कि समस्त विश्व में उत्पादों, सेवाओं, विचारों, अवधारणाओं और व्यक्तियों के संवर्धन के लिए विज्ञापन पर कितना अधिक धन खर्च किया जाता है, जब विज्ञापन का महत्त्व समझ में आता है। अनेक विकासशील समुदायों के लिए तो विज्ञापन का आश्रय लेना आम बात हो गई है। विज्ञापित उत्पादों के श्रोताओं- दर्शकों और उपयोग करने वाले दोनों पर ही इसका प्रभाव होता है। इसके जो आर्थिक और सामाजिक प्रभाव होते हैं, इनके परिणाम पूर्णतः आर्थिक अर्थ में विज्ञान के मूल्य की गणना करने के लिए काम में लाए गए निवेश मॉडल के प्रतिफल से बहुत अधिक होते हैं। सामाजिक विज्ञापन में विज्ञापन अभिप्रेरक और विअभिप्रेरक दोनों का ही भूमिका निभाता है। धुम्रपान विरोधी अभियान में यह लोगों को विअभिप्रेरित करता है कि वे इन कुरीतियों को छोड़ दे। परिवार नियोजन अभियानों में यह लोगों को अभिप्रेरित करता है कि वे परिवार नियोजन कार्यक्रम को अपनाएं। इस प्रकार विज्ञापन वांछित सामाजिक परिवर्तन लाने में सहायक होता है।
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Pages:42-43
How to cite this article:
सरिता "विपणन में विज्ञापन का महत्त्व एवं भूमिकाः एक आलोचनात्मक अध्ययन". International Journal of Multidisciplinary Education and Research, Vol 8, Issue 3, 2023, Pages 42-43
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